उन्मुक्त चंद

जबड़ा टूटने के बावजूद उन्मुक्त चंद (116) के शतक की बदौलत दिल्ली ने विजय हजारे ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश को 55 रन से हरा दिया। उत्तर प्रदेश ने टॉस जीतकर दिल्ली को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।

दिल्ली ने उन्मुक्त के 116 रनों की बदौलत छह विकेट खोकर 307 रन बनाए। जवाब में उमंग शर्मा के 102 रनों के बावजूद उत्तर प्रदेश की टीम 252 रनों पर सिमट गई। दिल्ली के गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया ने 34 रन देकर चार विकेट चटकाए।

साल 2012 के अंडर 19 के हीरो रहे थे उन्मुक्त चंद

आपको बता दें कि साल 2012 के अंडर 19 विश्वकप के फाइनल में उन्मुक्त ने एतिहासिक पारी खेलते हुए नाबाद 111 रन बनाए थे। वो मैच में पारी की शुरुआत करने आए थे। अपनी उस पारी के दौरान उन्होंने 7 चौके और 6 छक्के लगाए थे। और तब क्रिकेट जगत के पंडित और क्रिकेटप्रेमी उनकी इस पारी से बाग-बाग हो गए थे। इसके बाद उन्मुक्त चंद को भविष्य का सहवाग और तेंदुलकर तक का दर्जा दे दिया गया ।

IPL में भी नहीं लगी बोली, शतक लगाकर खींचा सबका ध्यान

जब पिछले साल आइपीएल में उन्मुक्त चंद का बल्ला खामोश रहा तो रणजी ट्रॉफी टीम से भी निकाल दिया गया, इस बार आइपीएल नीलामी में 20 लाख के बेस प्राइस वाले उन्मुक्त पर किसी ने बोली नहीं लगाई। लेकिन 24 साल के उन्मुक्त ने बहुत ही लबे समय बाद सोमवार को फिर से यह दिखाने की कोशिश की है कि अभी उनका करियर खत्म नहीं हुआ है। सोमवार को विजय हजारे ट्रॉफी के लीग मुकाबले में उत्तर प्रदेश के खिलाफ शतक लगाकर उन्मुक्त ने यह दिखा दिया कि अभी भी उनमें बहुत क्रिकेट बाकी है।

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