पांच देशों के नेताओं की सामूहिक तस्वीरें लिए जाने के साथ ही यहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू हो गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पूरी गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाए। चिनफिंग ने सम्मेलन शुरू होने से पहले ब्राजील, रूस और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं की अगवानी की।

मोदी ने कहा कि ब्रिक्स के पांचों देश समान स्तर पर हैं, भारत ने सहयोग के लिए एक मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया है। चीन के शियामन शहर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि व्यापार और अर्थव्यवस्था ब्रिक्स-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच सहयोग का आधार हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि अनिश्चितता की ओर बहती दुनिया में स्टेबिलिटी और डेवलपमेंट का योगदान देना होगा। आपसी सहयोग से ही विकास संभव है।

उन्होंने कहा कि शांति और विकास के लिए सहयोग जरूरी है। सोलर एनर्जी एजेंडा को मजबूती देने के लिए ब्रिक्स के देश इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के साथ काम कर सकते हैं।

ब्रिक्स देशों की ओर से जो डिक्लेरेशन जारी की गई है, उसमें आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई है। और तो और, पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन की भी कड़ी निंदा की गई है।

यह घोषणापत्र इसलिए भी अहम है क्योंकि चीन कई बार जैश ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पर यूएन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने की दिशा में अड़ंगा लगा चुका है।

नौवां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चीन के इस बंदरगाह शहर श्यामन के कन्वेशन सेंटर में हो रहा है और मोदी यहां पहुंचने वाले तीसरे नेता हैं। उनके बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यहां पहुंचे। मोदी की कल शी के साथ एक द्विपक्षीय बैठक भी होने वाली है।

विवादित डोकलाम इलाके में भारत और चीन के बीच दो माह तक चले गतिरोध के बाद दोनों देशों ने 28 अगस्त को अपने अपने सीमाई सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया था जिसके बाद पहली बार ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं की मुलाकात हो रही है।

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