इसराइल

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और इसराइल के बीच रिश्ते और मजबूत हुए हैं. इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अभी अपने 6 दिवसीय भारत दौरे पर आये हुए हैं. ऐसे में आपके के लिए यह जानना बहुत जरुरी है की एक छोटा सा देश इसराइल कैसे सुपरपावर बन गया.

आपको बता दें दुसरे विश्वयुद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्रसंघ ने फ़लस्तीन को दो देशों में विभाजित करने का निर्णय लिया. इस प्रस्ताव को यहूदी नेताओं ने सहर्ष स्वीकार्य कर लिया लेकिन फ़लस्तीन में रह रहे अरबियों ने संयुक्त राष्ट्र के इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया और इस प्रस्ताव को मानने से साफ मना कर दिया.

इस घटना के बाद अरबियों और इसराइल के बीच युद्ध शुरू हो गया. महीनों चले इस युद्ध के बाद दोनों पक्षों ने युद्ध समाप्त करने का निर्णय लिया. आपकी बता दें कि इसराइल की स्थापना 1948 में हुई.

इसराइल का क्षेत्रफल 20,770 वर्ग किलोमीटर है जो भारत के मिजोरम से भी छोटा है. मात्र 69 वर्ष में इसराइल विश्व के सबसे शक्तिशाली देशों में शामिल हो गया है. इसराइल के शक्तिशाली होने का मुख्या वजह यह है कि इसराइल अपने जीडीपी का लगभग 4 .5 प्रतिशत अपने शोध पर खर्च करता है. इसी के वजह से आज इसराइल के टेक्नोलॉजी का विश्व लोहा मानता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *