टीम इंडिया

टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में 85 वर्षों में पहली बार किया यह कारनामा

टीम इंडिया ने रविवार को नागपुर में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने अपने 85 वर्षों के टेस्ट इतिहास में एक कारनामा पहली बार किया। भारत की तरफ से श्रीलंका के खिलाफ नागपुर टेस्ट मैच की पहली पारी में एक बल्लेबाज ने दोहरा और तीन बल्लेबाजों ने शतक जड़े, ऐसा करिश्मा भारतीय टीम इससे पहले कभी भी नहीं कर पाई थी।

वैसे यदि किसी टेस्ट पारी में चार बल्लेबाजों के शतक की बात की जाए तो ऐसा करिश्मा भारतीय टीम इससे पहले भी दो बार कर चुकी थी। लेकिन उन दोनों अवसरों पर भारत के चारों बल्लेबाजो ने सिर्फ शतक लगाए थे और कोई भी बल्लेबाज दोहरा शतक नहीं लगा पाया था। इस बार नागपुर टेस्ट में विराट कोहली ने दोहरा शतक जड़ा जबकि मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा और रोहित शर्मा ने शतक जड़े।

भारत की तरफ से इससे पहले 2007 में मीरपुर में बांग्लादेश के खिलाफ और 2010 में कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक टेस्ट पारी में चार-चार भारतीय बल्लेबाजों ने शतक जड़े थे।

नागपुर में टीम इंडिया का करिश्माई प्रदर्शन :

नागपुर टेस्ट मैच में भारत के सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने 8 महीनों बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करते हुए शतक (128) जड़ा। चेतेश्वर पुजारा ने 143 रनों की शानदार पारी खेली तो कप्तान विराट कोहली ने जबर्दस्त प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए दोहरा शतक (213) लगा दिया। कोहली का यह इस सीरीज में लगातार दूसरा शतक है। इसके बाद रोहित शर्मा ने मिले मौके का लाभ उठाते हुए शतकीय पारी (102 नाबाद) खेली और टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया।

मीरपुर में पहली बार किसी टेस्ट पारी में चार भारतीयों के शतक :

भारत की तरफ से किसी टेस्ट पारी में चार बल्लेबाजों के शतक का मौका पहली बार 25 से 27 मई 2007 तक मीरपुर में आया था। भारत की पहली पारी में दिनेश कार्तिक (129), वसीम जाफर (138 रिटायर्ड बीमार), कप्तान राहुल द्रविड़ (129) और सचिन तेंडुलकर (122 नाबाद) ने शतक जड़ते हुए यह करिश्मा किया। भारत ने पहली पारी 3 विकेट पर 610 रन बनाकर घोषित की। इसके बाद बांग्लादेश की पहली पारी 118 रनों पर ढेर हुई। 492 रनों से पिछड़ने के बाद फॉलोऑन में खेलते हुए बांग्लादेश की दूसरी पारी 253 रनों पर सिमट गई और मेजबान टीम यह मुकाबला पारी और 239 रनों से हारी।

टीम इंडिया ने कोलकाता में द. अफ्रीका के खिलाफ इस प्रदर्शन को दोहराया :

भारत की तरफ से किसी टेस्ट पारी में चार शतकों का कारनामा दूसरी बार 2010 में कोलकाता में हुआ। 14 से 18 फरवरी तक हुए इस मैच में वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंडुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और महेंद्रसिंह धोनी ने शतक जड़े, लेकिन इनमें भी कोई दोहरा शतक नहीं था। द. अफ्रीका के पहली पारी के 296 रनों के जवाब में भारत ने पहली पारी 6 विकेट पर 643 रन बनाकर घोषित की। सहवाग ने 165, तेंडुलकर ने 106, लक्ष्मण ने 143 और कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने नाबाद 132 रन बनाए। इसके बाद द. अफ्रीका की दूसरी पारी 290 पर सिमटी और भारत ने यह मैच पारी और 57 रनों से जीता।

दोनों मौकों पर टीम इंडिया ने पारी के अंतर से जीते मैच :

भारत की तरफ से इससे पहले किसी टेस्ट पारी में चार बल्लेबाजों द्वारा शतक लगाने का मौका दो बार आया था। इन दोनों मौकों पर भारत ने वह टेस्ट मैच पारी के अंतर से जीता। भारत की तरफ से नागपुर टेस्ट मैच भी पारी के अंतर से जीतने की प्रबल संभावनाएं हैं। श्रीलंका को पहली पारी में 205 पर आउट करने के बाद भारत ने पहली पारी 6 विकेट पर 610 रन बनाकर घोषित की। पहली पारी में 405 रनों से पिछड़ने के बाद श्रीलंका दूसरी पारी में तीसरे दिन की समाप्ति तक 21 रनों पर 1 विकेट गंवा चुका है। इस तरह वह अभी भी भारत की बढ़त से 384 रन पीछे है जबकि उसके 9 विकेट शेष है।

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